भूतों का भानगढ़| Most haunted place of India - Bhangadh Fort
मानवी जीवन कई अनिश्चिताओ से भरा है. जो आज है वो शायद कल न रहे. इतिहास ke कई ऐसे पन्ने है जिनपर हमें इस अनिश्चिताओं के उदहारण मिल जायेंगे. ऐसा ही एक उदहारण है भानगढ़.
इस वैज्ञानिक युग में जहा किसी भी घटना की पुष्टि विज्ञानं से की जा सकती है, वही ऐसी कुछ जगहे है जिनमे हो रही घंटनाओ के पीछे किन शक्तियों का हाथ है, यह उत्तर विज्ञानं तक देने में असमर्थ है. ऐसी ही घटनाये और जगहे हमें बाध्य कर देती है उन पारलौकिक शक्तियों के अस्तित्व को मानने के लिए.
शायद ही ऐसा कोई होगा जिसने इस शापित किले की बारे में सुना या पढ़ा नहीं होगा. ये नाम सुनते ही जो तस्वीर हमारे दिमाग में आती है वो है खौफ की.
वैसे तो हमारे देश के कई स्थान है जहा पर भूतो या प्रेतात्माओ के निवास की बात कही जाती है, लेकिन इनमे जो नाम सबसे ऊपर आता है है वह है भानगढ़ किला. कहा जाता है की शाम होते ही भानगढ़ किले में भूत प्रेत निवास करते है. यही वजह है की सूर्यास्त के बाद इस किले में प्रवेश वर्जित है
किसी ज़माने में भानगढ़ एक बहोत ही खुशहाल किला हुआ करता था. इसके चारो और खुशहाली ही खुशहाली थी. लेकिन दुर्भाग्यवश इस किले पर संकट के बादल मंडराने लगे. खुशहाली की तस्वीर देखते ही देखते बदल कई मातम में
जो भानगढ़ में हुआ, उसका परिणाम हम आज तक देख और महसूस कर रहे है. और जो हम देख और महसूस कर रहे है वही बनती है भानगढ़ को इंडिया'स मोस्ट हॉटेड नंबर one
इस किले में भूत प्रेतों के इतने किस्से बताये जाते है की यह फोर्ट भूतो का भानगढ़ के नाम से प्रसिद्ध हो गया है. गौर की बात ये है की ये किस्से किस्से नहीं बल्कि हैरान कर देने सच्चाई है.
भानगढ़ किला राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है. इस किल्ले को १६वि शताब्दी में राजा सवाई मानसिंघ के छोटे भाई राजा माधो सिंह ने बनवाया था. इस किले में भगवान शिव, हनुमान आदी के बेहतरीन और अति प्राचिन मंदिर विध्यमान है। इस किले में दृण और मजबूत पत्थरों का प्रयोग किया गया है जो अति प्राचिन काल से अपने यथा स्थिती में पड़े हुये है।
शिल्पकारी का ये अध्भुत नमूना जितना शानदार है इसका अत्तीत उतना ही भयानक. कहा जाता है की इस किले में प्रेतात्माएं निवास करती है. और शाम होती ही इस किले से महिलाओ के रोने और चीखने की आवाज़े सुनाई देती है. कई वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस किले से निकलने वाली चीखो के कारणोंकी पुष्टि नहीं कर पाए है.
वैसे तो इन चीखो के पीछे कई कहानिया बताई जाती है, लेकिन इनमे २ ऐसी कहानिया है जो सबसे प्रचलित है. इनमे से पहली कहानी कुछ यू है
बताया जाता है की भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती बहोत सूंदर थी. उनकी सुंदरता के चर्चे दूर दूर तक थे और उनके पास कई विवाह के प्रस्ताव भी आते थे. एक दिन राजकुमारी अपनी सहलियो के साथ बाजार घूमने जाती है. वह एक इत्र की दुकान पर इत्र ले रही थी की उन पर एक सिंघ्या नाम के तांत्रिक की नज़र पड़ी.सिंघिया रत्नावती की सुंदरता पर मोहित हो गया और मन ही मन उसको पाने की इच्छा करने लगा. इसी के चलते उसने इत्र की शीशी पर मंत्र पढ़कर कला जादू किया. वह रत्नावती को अपने वश में करना चाहता था. लेकिन राजकुमारी ने वह शीशी एक पत्थर पर फोड़ दी और बताया जाता है की वह पत्थर तांत्रिक के पीछे तब लगा रहा जब तक की उसने उसे कुचल नहीं दिया.
तांत्रिक ने मरते हुए शाप दिया की भानगढ़ किले में रहने वाले सभी लोगो की मृत्यु हो जाएगी और उनकी आत्माये यहाँ भटकती रहेंगी ! उस तांत्रिक के मौत के कुछ दिनों के बाद ही भानगढ़ और अजबगढ़ के बीच युद्व हुआ जिसमें किले में रहने वाले सारे लोग मारे गये। यहां तक की राजकुमारी रत्नावती भी उस शाप से नहीं बच सकी और उनकी भी मौत हो गयी। एक ही किले में एक साथ इतने बड़े कत्लेआम के बाद वहां मौत की चींखें गूंज गयी और आज भी उस किले में उनकी रूहें घुमती हैं।
शाम होती ही इस किले के भीतर के कमरों में महिलाओं के रोने या फिर चुडि़यों के खनकने की भी आवाजें साफ सुनी जा सकती है। किले के पिछले हिस्सें में जहां एक छोटा सा दरवाजा है उस दरवाजें के पास बहुत ही अंधेरा रहता है कई बार वहां किसी के बात करने या एक विशेष प्रकार के गंध को महसूस किया गया है। वहीं किले में शाम के वक्त बहुत ही सन्नाटा रहता है और अचानक ही किसी के चिखने की भयानक आवाज इस किलें में गुंज जाती है.
दूसरी कहानी बात करती है एक साधू के दिए हुए शाप की. कहा जाता है की भानगढ़ के निर्मल के पहले वह के महाराज ने एक साधु बाबा बालनाथ से अनुमति ली थी. बाबा बालनाथ ने यह कहकर वह पर किले के निर्माण की अनुमति दी थी की इस किले की किसी भी ईमारत की परछाई उनके घर पर नहीं पड़नी चाहिए. लेकिन अजब सिंह जो की माधो सिंह के पड़पोते थे उन्होंने ये बात नहीं मानी और कुछ इमारतों की उचाई बढ़ा दी. बाबा बालनाथ ने इस बात से रुष्ट होकर पुरे भानगढ़ का विनाश कर दिया था.
दोस्तों ये किसी को पता नहीं की असलियत क्या है, लेकिन भानगढ़ में होने वाली ये घटनाए विचित्र है.
कहा जाता है की एक बार कुछ लड़के यहाँ रात गुजरने आये थे, लेकिन उनमे से एक लड़का उस किले में स्थित एक कुए में गिर गया जिससे उसका पैर टूट गया. उसके दोस्त जब उसे अस्पताल ले जा रहे थे तब रस्ते में उनकी दुर्घटना हो गयी जिसमे सबकी मौत हो गयी. ऐसे कई वाकये है जिनमे जो लोगो ने वह रात गुजारी है उनको अपने जीवन से हाथ धोना पड़ा है.
दोस्तों ये भी बताया जाता है की इस किले के आसपास जिसमे भी घर बनाने की कोशिश की है, उनकी छत किसी न किसी वजह से गिर गयी है.
यहाँ के स्थानीय लोगो का यह विश्वास है की रानी रत्नावती ही इस किले को शाप मुक्त कर सकती है और यह भी की उनका जन्म जो चूका है और जल्द ही किला शापमुक्त जो जायेगा.
फिलहाल इस किले की देख रेख भारत सरकार द्वारा की जाती है. किले के चारों तरफ आर्कियोंलाजिकल सर्वे आफ इंडिया (एएसआई) की टीममौजूद रहती हैं. एएसआई ने सख्तक हिदायत दे रखी है कि सूर्यास्ता के बाद इस इलाके में किसी भी व्यतक्ति के रूकने के लिए मनाही है।
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